Wednesday, September 26, 2012

पथ के काटों से मिलो फूलों की तरह


पथ के काटों से मिलो फूलों की तरह,
रास्ता  अपने आप संवर जायेगा !!

सूरज से मिलो तुम किरण की तरह,

अन्धकार अपने आप छंट  जायेगा !!

पराजय से मिलो विजय की तरह,

सफलता अपने आप मिल जायेगा !!

दुःख से तुम मिलो ख़ुशी की तरह,

निराशा अपने आप दूर हो जायेगा !!

शत्रुता से मिलो मित्रता की तरह,

प्यार अपने आप मिल जायेगा !!

वीणा से मिलो तुम सरगम की तरह,

राग अपने आप बन जायेगा !!

                                     Copyright© reserved by Poetess Asha Prasad "ReNu"      

2 comments:

  1. Replies
    1. आभार...
      काँटों में फसा बेचारा दिल...:(

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